मंगलवार, अगस्त 03, 2010

और सच हुआ नेहरु का कहा...

आप सोच रहे होंगे क़ि आखिर इन जानकारियो की क्या जरुरत है तो मकसद सिर्फ और सिर्फ एक है। आपको आजादी के बाद से देश की प्रमुख और दिलचस्प राजनीतिक घटनाक्रमों से रूबरू कराना... इसीलिए हम लेकर आये हैं आपके लिए यह कालम :
 इतिहास से दिलचस्प मुकाबले 

यह नौजवान एक दिन देश का प्रधानमंत्री होगा... यह आकलन था देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू  का अटल बिहारी वाजपेयी को लेकर। 1957 में दूसरी लोकसभा चुनाव में वाजपेयी उत्तर प्रदेश के बलरामपुर सीट से जनसंघ के उम्मीदवार थे। यह उनका पहला चुनाव था। कांग्रेस की लहर के बावजूद इस चुनाव में वाजपेयी विजयी हुए। दरअसल, इस चुनाव के दौरान एक जनसभा में नेहरु जी वाजपेयी जी के विचारों को सुनकर इतने प्रभावित हुए की उनके मुह से बेसाकता निकल पड़ा की यह व्यक्ति एक दिन प्रधानमन्त्री की कुर्सी पर बैठेगा। अटल जी के व्यक्तिव से नेहरु बहुत प्रभावित रहते थे। नेहरु जी का यह कहा 39 साल बाद सुच साबित हुआ। 11वी लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमन्त्री बने। अटल की 13 दिन की सरकार सबसे कम उम्र की सरकार थी।
12वी लोकसभा में 13 महीनो और 13वी लोकसभा में 5 साल के लिए वे प्रधानमन्त्री रहे। अपने लम्बे राजनीतिक सफ़र में अटल 8 बार लोकसभा और 2 बार राज्यसभा के सदस्य रहे। वह चार राज्यों- उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और दिल्ली से चुनाव जीते। ऐसे कम ही नेता हैं जो चार राज्यों में राजनीतिक पकड़ रखते हो और चुनाव जीतने का माद्दा रकते हो। 1977 में वे मोरारजी देसाई सरकार में विदेश मंत्री रहे और उनके इस कार्यकाल को कुशल विदेश मंत्री के रूप में जाना जाता है।

1 टिप्पणी:

  1. मुझे नेहरु के पिता व उसके खानदान का पूरा लेखा देखना है पहले मिल गया था अब मिल नही रहा क्या आप मुझे बता सकते है कैसै प्राप्त करु

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